

यह पूर्ण रूपेण आध्यात्मिक किताब है। इसमें बताया गया है – लेखक के गुरु कौन थे? उनसे दीक्षा कैसे हुई? शक्तिपात कैसे हुआ? शक्तिपात के बाद क्या हुआ? किस तरह अंदर रूहानी परिवर्तन घटित होते हैं? समाधि लगना, अंधेरे में दिखाई देना, महात्मा के शरीर के आर-पार दिख जाना, अंदर के चिदाकाश में ब्रह्माण्ड दिखाई देना आदि। यह कैसे सम्भव है कि शरीर में नाभि, हृदय के दोनों तरफ, ललाट के मध्य, कपाल आदि में एक साथ धड़कन। गुरु का सूक्ष्म शरीर घर में विचरण करता हुआ कैसे दिखता है। यह बहुत ही प्रेरणादायक एवं रोचक किताब है।
